प्रधान सेवक जी, किसानो और जवानो की कितनीं और लाशें देखनी पड़ेगी ?

प्रधान सेवक जी,

आप ने जिस दिन देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, उस दिन लगा था कोई युवा देश की बागडोर संभाल रहा है, देश की दशा में कुछ परिवर्तन आएगा ! मगर जैसे जैसे आपका कार्यकाल बढ़ रहा है वैसे वैसे देश की दशा और बिगड़ रही है ! मेरी सोच से देश के विकास में दो लोगो का सबसे महत्वपूर्ण योगदान होता है – एक सीमा पर खड़े जवान का दूसरा खेत में खड़े किसान का, मगर आपने दोनों को नजरअंदाज किया हुआ है! किसानो और जवानो की लाशें रोजाना सामने आ जाती है, आखिर ऐसी क्या मजबूरी है आपकी? या फिर आप इसका समाधान निकालने में सक्षम नहीं है ?

मै उत्तर प्रदेश के एक किसान का बेटा  हूँ, जो सभी मौसम में खेतो में खड़ा रहता है, हम यहाँ ३० डिग्री तापमान के ऊपर रोने लगते है, वो ५० डिग्री में भी खेतो में खड़ा होता है, थोड़ी रात हो जाने पर हम डरने लगते है वो रात भर अकेला घने जंगल में सोता रहता है, जो अमीषा वक्त का पाबंध होता है, उसकी कोई चुनावी घोषणा नहीं होती वो अनाज उगाके दिखाता है अनगिनत तकलीफे सहता है फिर भी घर वालो से कभी शिकायत नहीं करता, वो कभी अकेले के लिए अन्न नहीं उगाता – अगर वो नहीं हो तो हमारा एक दिन जीना संभव नहीं है !

फिर भी उस किसान की आज ऐसी दशा, जब वो अपने हक के लिए लड़ रहा है, उसी पर गोलियां चलवाई जा रही है! यह कैसी सरकार है सर ? इन किसानो को आपसे बहुत आशाएँ थी मगर आपने उनके लिए कुछ करना तो दूर उनकी जिंदगी ही छीन ली ! कुछ समय पहले तक किसान परेशान होकर खुद – खुदख़ुशी कर रहे थे मगर अब आपने ही उनका गला दबाना शुरू कर दिया, और उसके बाद उसकी लाशो पर राजनीती खेली जा रही है! जिस किसान की लाश में आप राजनीती कर रहे हो, वही किसान कल तक कड़-कडाती धूप, थर-थराती सर्दी, गड-गड़ाती बरसात में बिना गमझे,
बिना छाता, बिना चप्पल, बिना कम्बल पैदल उस खेत में जाता था, जहाँ की दाल और अनाज से आपकी थाली में खाना सजता है ! हमारा मालिक था वो हमें रोटी मिलती थी उसकी वजह से, मगर कभी भी उसने जताया नहीं ! कभी कभी तो वो खुद भूखा सो जाता है, उस किसान के लिए हम आज राजनीती कर रहे है ! आपने और आपकी सरकार ने तो घोषणा कर दी उसकी मौत में कुछ चिल्लर !

जनाब पैसे से मत लगाओ उसकी कीमत, अन्नदाता था तुम्हरा, पैसे से नहीं चूका पाओगे उसका कर्ज !

प्रधान सेवक जी, क्या यही देश का भविष्य है? क्या यही योजनाये है किसानो के लिए आपकी?  अगर देश में किसान नहीं बचे, तो देश भी नहीं बचेगा ! अब भी क्या २०१९ के चुनाव की घोषणाओं का इंतजार करोगे सर? कुछ इनके बारे में भी सोच लीजिये !

दुआए मिलेंगे, खाना मिलेगा और आप और हम सब जिन्दा रह पायेंगे !

 

साभार 

देश का एक आम नागरिक 

एक किसान का बेटा

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