अंधकार में विकास का प्रकाश खोजता उत्तर प्रदेश

जनसंख्या के परिदृश्य से देखा जाये तो उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा प्रदेश है, और अनेक विभाजनों के पश्चात भी क्षेत्रफल के परिदृश्य से चौथा स्थान उत्तर प्रदेश का ही है ! उत्तर प्रदेश में भारत का महान प्राचीन इतिहास हैं। भारी आबादी के अलावा, आपको महान भारतीय संस्कृति और विरासत यहीं मिलेगी! यदि आप पश्चिम उत्तर प्रदेश में जाते हैं तो आपको मुगलों की पुरानी विरासत मिलेगी। आगरा में स्थित ताजमहल दुनिया के सात चमत्कार में से एक है! देश के १४ में से ८ प्रधानमंत्री यही से हुए है और देश की अधिकतर चर्चित हस्तियां उत्तर प्रदेश से सम्बन्ध रखती है! देश के अधिकतर सर्वोच्च विश्वविद्यालय भी इसी उत्तर प्रदेश में आते है ! अधिकतर बड़े आईपीएस, आईएएस और सिविल सेवा अधिकारी उत्तर प्रदेश से भी आते हैं। इसके अलावा रानी लक्ष्मी बाई जो झांसी में जन्मी और स्वतंत्रता के लिए अंगेजो के खिलाफ लड़ी! मंगल पांडे ने आजादी के लिए पहली क्रांति शुरू की, बलिया में यहीं पैदा हुए थे! इन सब महान विरासतों और उपलब्धियों के बाद भी ऐसा क्या है जो आज का युवा उत्तर प्रदेश से बाहर जाने में मजबूर है!

क्या ८ प्रधानमंत्रियों वाला यह प्रदेश इतना भी विकसित नहीं हो पाया की वो इसी प्रदेश को युवाओ को सही शिक्षा दे सके?
सरकारी स्कूल की मर्मर दशा और प्राइवेट स्कूल की भरी भरकम फीस बच्चो का बचपन ख़राब करने का प्रमुख कारण है ! आकड़ो की देखे तो प्रदेश में करीब 1,69,857 सरकारी स्कूल है और करीब 2,43,014 कुल स्कूल है जो देश में सबसे बड़ा नंबर है, साथ ही करीब 10,09,333 अध्यापक पूरे प्रदेश में शिक्षा के लिए काम कर रहे है ! मगर क्या ये आकड़े सही है अगर इतना बड़ा नंबर प्रदेश में ईमानदारी से शिक्षा के लिए काम कर रहा है तो फिर प्रदेश की साक्षरता दर 57.18% क्यों है? ये वो नंबर है जो सरकारी आकड़ो से मिलते है! सरकारी नम्बरों भरोषा कर सकते है यह हम सभी जानते है!
प्रदेश में शिक्षा के लिए उच्च स्तरीय विश्वविद्यालय है, तकनीकी संस्थान है, मेडिकल कॉलेज है – फिर भी ऐसी क्या विवसता है की प्रदेश का युवा दूसरे प्रदेशो में शिक्षा के लिए भागता है! क्या उसे इन पर भरोषा नहीं है या फिर प्रदेश के सरकारी संस्थान ऐसी छवि समाज के सामने नहीं बना पाए जिसको देखकर युवाओ का मन उनमे पढ़ने का करे!
शिक्षा एक व्यक्ति के निर्माण का प्रधान अध्याय होता है, जिसका मजबूत होना सबसे जरूरी है! देश का सबसे बड़ी जनसंख्या वाला प्रदेश इसी प्रथम प्रधान अध्याय को मजबूत बनाने में असफल है !
जिम्मेदार कौन है, पता नहीं – सरकार, जनता या कोई और , ये बस सवाल है !

विश्व की सबसे बड़ी विरासत ‘ताजमहल’ रखने वाले प्रदेश में बेरोजगरी क्यों?
देश के बड़े उद्यमियों की लिस्ट में अनेक बड़े नाम उत्तर प्रदेश से आते है, मगर उन्होंने भी अपनी पहचान उत्तर प्रदेश से बाहर जाकर ही बनायी! 12वीं पंचवर्षीय योजना के बाद प्रदेश में १ करोंण से ज्यादा युवा बेरोजगार है, जो प्रदेश में रह रहा है! प्रदेश का अधिकतर युवा नौकरी के लिए दूसरे प्रदेशो में पड़ा हुआ है! किसान खेती करना बंद कर रहा है पिछले पाँच सालो में करीब ४९ लाख किसानो ने खेती करनी बंद कर दी है, यह प्रदेश में कृषि क्षेत्र के खराब प्रदर्शन को दर्शाता है, जो कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है! कारण सबको पता है – बीजों की बढ़ती रकम और किसानो को फसल का उचित रेट न मिलना! ऐसे में किसान लगातार खेती करना बंद कर रहा है और दूसरे रोजगार के माध्यम तलाश रहा है !
इन सबसे प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या रोजाना बढ़ रही है !
क्या किसी भी सरकार के लिए यह मुद्दा महत्वपूर्ण नहीं रहा? प्रदेश में रोजगार पैदा करने के लिए सरकार कोई भी कार्य क्यों नहीं करती ! प्रदेश में नोएडा को छोड़ दे तो कोई भी बड़ी कंपनी नहीं मिलेगी! प्रदेश में कई जगह है जहाँ पर तकनीकी या प्रौद्योगिकी के कारखाने लगाए जा सकते है छोटी छोटी कंपनियों को अगर सरकार मौका दे तो वो काफी हद तक प्रदेश में रोजगार पैदा कर सकती है ! कौशल युक्त संसाधनों और शिक्षा का सरकार को खुद प्रमोसन हो सकता है ! तरीके उपलब्ध है सरकार को जागरूपता लाने और छोटे छोटे उद्यमियों की जो प्रदेश से बाह जाकर काम करते है, उनकी सहायता करने की जरूरत है !
मगर यह पहला कदम कौन उठाये, पता नहीं – सरकार, जनता या कोई और , ये बस सवाल है?

‘लक्ष्मीबाई और मंगल पांडे’ के प्रदेश की सुरक्षा में हाहाकार क्यों?
जिस प्रदेश में देश के अनेक क्रांतिकारियों ने जन्म लिया और देश की आजादी की लड़ाई लड़ी उसी प्रदेश में जनता हाहाकार कर रही है ! मजहबी दंगे हो या बलात्कार जनता कही सुरक्षित नहीं है, आकड़ो की माने तो करीब साढ़े तीन हजार बलात्कार और ६ हजार मर्डर केस पिछले साल दर्ज हुए है! कभी गाय के नाम पर तो कभी बीफ के नाम पर जनता रोजाना आपस में लड़ती रहती है!
उत्तर प्रदेश के लोग आम तौर पर बहुत ही धार्मिक, कड़ी मेहनत करते थे, लेकिन उपर्युक्त तत्वों ने उत्तर प्रदेश की छवि को खराब कर दी है।
समाधान साधारण है सही शिक्षा का लोगो तक पहुंचना, कानून के बारे में लोगों को शिक्षित करना, प्रभावी और कड़ी कानून व्यवस्था बनाना जो अपराधियों को तुरंत दंडित करने में मदद करे!

Ankur Mishra uttar Pradesh

अंधकार में विकास का प्रकाश खोजता उत्तर प्रदेश!
प्रदेश में कुछ गाँवो में आजतक अंधकार फैला हुआ है, मेरा ननिहाल उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में है जहाँ मेरा बचपन गुजरा वहाँ पर अब भी विद्युत नहीं पहुंच पायी! देश २१वी शदी की बात करता है और प्रदेश की जनता अंधकार में रहती है! राज्य में पिछले साल ही 6,832 मेगावाट बिजली की कमी देखि गयी है! समस्या का समाधान बिजली के नए संयंत्र है, मगर सरकार की मुख्य सूची से ये मुद्दा काफी दूर है !
सरकार को बिजली चोरी के लिए भी कड़े कदम उठाने होंगे!

स्वच्छ ‘उत्तर प्रदेश’ अभियान !
इलाहबाद, कानपुर, लखनऊ, आगरा इत्यादि विश्व के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में आते है! प्रदूषण नियंत्रण पर सरकार को कठिन नियम बनाने पड़ेगें!
‘ट्वायलेट एक प्रेम कथा’ उत्तर प्रदेश की एक सत्य व्यथा दिखती है, यहां अधिकांश जनसँख्या ग्रामीण है और सुबह सुबह अधिकांश लोग अभी भी खुला शौचालय करते हैं! लोगो में नैतिक मूल्यों का जगरूप करना जरूरी है !

समस्याएं बहुत है गिनती खत्म नहीं होगी, सरकार हर बार चुनावी मुद्दों की लिस्ट बनाती और कुछ समय बात सब भूल जाती है! जनता को रिपोर्ट कार्ड रखने की जरुरत है और समय समय पर अपडेट लेने की जरूरत है जिससे सरकार हमेशा जगरूप रहेगी ! साथ ही साथ जनता को अपने नैतिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए काम करना होगा!
आप सोचेंगे की ऐसे छोटे कदम एक बड़े प्रदेश को कैसे बदल सकते है मगर आप सोचिये एक छोटा कदम अगर बड़ी संख्या में लोग फॉलो करते है तो प्रदेश जरूर बदल सकता है !ये छोटे बदलाव देखने से यूपी के निवासियों के बीच गर्व और गरिमा की भावना पैदा होगी और कई चीजों में सुधार होगा।
एक साधारण उपाय ‘अगर एक शिक्षित व्यक्ति तीन अशिक्षित को शिक्षित करता है तो हम 100% साक्षरता प्राप्त कर सकते हैं लेकिन हम धर्म और जाति के आधार पर विभाजित हैं और आपस में लड़ रहे है’!

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