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प्रधान सेवक जी, किसानो और जवानो की कितनीं और लाशें देखनी पड़ेगी ?

प्रधान सेवक जी,

आप ने जिस दिन देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, उस दिन लगा था कोई युवा देश की बागडोर संभाल रहा है, देश की दशा में कुछ परिवर्तन आएगा ! मगर जैसे जैसे आपका कार्यकाल बढ़ रहा है वैसे वैसे देश की दशा और बिगड़ रही है ! मेरी सोच से देश के विकास में दो लोगो का सबसे महत्वपूर्ण योगदान होता है – एक सीमा पर खड़े जवान का दूसरा खेत में खड़े किसान का, मगर आपने दोनों को नजरअंदाज किया हुआ है! किसानो और जवानो की लाशें रोजाना सामने आ जाती है, आखिर ऐसी क्या मजबूरी है आपकी? या फिर आप इसका समाधान निकालने में सक्षम नहीं है ?

मै उत्तर प्रदेश के एक किसान का बेटा  हूँ, जो सभी मौसम में खेतो में खड़ा रहता है, हम यहाँ ३० डिग्री तापमान के ऊपर रोने लगते है, वो ५० डिग्री में भी खेतो में खड़ा होता है, थोड़ी रात हो जाने पर हम डरने लगते है वो रात भर अकेला घने जंगल में सोता रहता है, जो अमीषा वक्त का पाबंध होता है, उसकी कोई चुनावी घोषणा नहीं होती वो अनाज उगाके दिखाता है अनगिनत तकलीफे सहता है फिर भी घर वालो से कभी शिकायत नहीं करता, वो कभी अकेले के लिए अन्न नहीं उगाता – अगर वो नहीं हो तो हमारा एक दिन जीना संभव नहीं है !

फिर भी उस किसान की आज ऐसी दशा, जब वो अपने हक के लिए लड़ रहा है, उसी पर गोलियां चलवाई जा रही है! यह कैसी सरकार है सर ? इन किसानो को आपसे बहुत आशाएँ थी मगर आपने उनके लिए कुछ करना तो दूर उनकी जिंदगी ही छीन ली ! कुछ समय पहले तक किसान परेशान होकर खुद – खुदख़ुशी कर रहे थे मगर अब आपने ही उनका गला दबाना शुरू कर दिया, और उसके बाद उसकी लाशो पर राजनीती खेली जा रही है! जिस किसान की लाश में आप राजनीती कर रहे हो, वही किसान कल तक कड़-कडाती धूप, थर-थराती सर्दी, गड-गड़ाती बरसात में बिना गमझे,
बिना छाता, बिना चप्पल, बिना कम्बल पैदल उस खेत में जाता था, जहाँ की दाल और अनाज से आपकी थाली में खाना सजता है ! हमारा मालिक था वो हमें रोटी मिलती थी उसकी वजह से, मगर कभी भी उसने जताया नहीं ! कभी कभी तो वो खुद भूखा सो जाता है, उस किसान के लिए हम आज राजनीती कर रहे है ! आपने और आपकी सरकार ने तो घोषणा कर दी उसकी मौत में कुछ चिल्लर !

जनाब पैसे से मत लगाओ उसकी कीमत, अन्नदाता था तुम्हरा, पैसे से नहीं चूका पाओगे उसका कर्ज !

प्रधान सेवक जी, क्या यही देश का भविष्य है? क्या यही योजनाये है किसानो के लिए आपकी?  अगर देश में किसान नहीं बचे, तो देश भी नहीं बचेगा ! अब भी क्या २०१९ के चुनाव की घोषणाओं का इंतजार करोगे सर? कुछ इनके बारे में भी सोच लीजिये !

दुआए मिलेंगे, खाना मिलेगा और आप और हम सब जिन्दा रह पायेंगे !

 

साभार 

देश का एक आम नागरिक 

एक किसान का बेटा

Jumla Man VS Real Man

Currently, Indian Politics is a function of Power but in my view, it should be a function of pre-election announcements, post-election execution by our politicians and development of the state or country. Every month, every year, in every election, we listen to many attractive and impressive promises by our politicians for getting votes and attracting voters. But after voting and forming government we got ‘Baba Ji Ka Thullu’, we expect 100% from or ministers and government and we got maximum 10%. This the scenario of Indian political development. But here I have to say As a political Party – Aam Aadmi Party in doing a better job in compare to other political parties. Now I see that group as a political party, not an activists group. So I think,  we all should compare them as a political party, and as a political party they are doing their best.

Now This has to be clear in every AAM AADMI’s mind.

Our political things are focused in Central and in Delhi Gov. OR In media terms, we can say Modi vs Kejriwal. Both had the agenda of corruption in their manifesto, and this should be in theirs main foucs areas. So let’s compare this big thin and the status on this.

 

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Kejriwal

Reading many editorials and conclusion of most of the editorials are, Corruption in Delhi is Down. And we can see in many ways, it is true. CVC say corruption is Delhi is decreased by 81%.

Here are few other pre-election announcements and post-election status related to corruption issues.

Delhi Jan Lokpal Bill 

Promise: Aam Aadmi Party resolves to legislate the Delhi Jan Lokpal Bill after coming to power. This will ensure a time-bound investigation in matters of corruption. The Delhi Lokpal will have the power to initiate investigations and prosecution against those charged with corruption. Whistleblowers will be provided protection and awarded for their contribution toward creating a just system

Status: AAP promised to “legislate” the Jan Lokpal Bill, and indeed, the bill was cleared in the Delhi Legislative Assembly on 4th December, 2015. The Jan Lokpal can issue necessary orders for full protection for whistleblowers, protect confidentiality, provide security, and initiate criminal action against the person involved in the harassment of whistleblower. However, the legislation’s fate remains unclear as it is yet to get the approval of Lieutenant Governor and Centre.

Citizens’ Charter

Promise: A Citizens’ Charter shall be introduced in all government offices in Delhi.

Status: The Delhi legislative assembly passed the Delhi (Right Of Citizen To Time Bound Delivery of Services) Amendment Bill. Among other provisions, the Bill prioritizes each government department to put out a “comprehensive citizens charter” within 30 days of its notification, and that responsibility lies with the Heads of Department.

Modi

67% Jump in corruption cases. CVC report is here:

Corruption complaints against various government departments jumped by a whopping 67 per cent in 2016 over the previous year, with the Railways topping the list.  Over 11,000 complaints were received against the public sector behemoth, the Central Vigilance Commission (CVC) has said.  In its annual report tabled in Parliament recently, the probity watchdog said it received a total of 49,847 complaints in 2016, as against 29,838 in 2015 — an increase of 67 per cent.

“The Commission received a considerable number of complaints against public servants working in the state governments and other organisations who do not come under the jurisdiction of the Commission or which are of administrative nature,” it said.
The number of complaints received by the CVC in 2015 were 50 per cent less than a total of 62,363 received by it in 2014. The CVC had got 31,432 and 37,039 complaints of alleged corruption during 2013 and 2012 respectively, the report said.

Giving details, the CVC said the highest of 11,200 such complaints were against railway employees. Of these 8,852 were disposed of and 2,348 were pending. Further, a total of 1,054 complaints against railway employees were pending for more than six months.
The number of complaints against those under government of National Capital Territory of Delhi has declined with a total of 969 received last year as against 5,139 in 2015.
As many as 6,513 complaints of alleged corruption were received against employees under Home Ministry, followed by 6,018 bank officials and 2,496 related to those working with the Ministry of Petroleum.
A total of 2,646 corruption complaints were received against officials of the Income Tax department, 2,514 against those in Urban Development Ministry and 2,393 related to employees working under Telecommunication Ministry, it said.
There were 1,746 corruption complaints against employees under Labour Ministry, 1,668 in Food and Consumer Affairs department, 1,420 of customs and excise, 1,376 in public sector insurance companies and 1,369 against officials of Ministry of Steel, the CVC said.

A total of 759 complaints were against Coal Ministry employees, 724 of Information and Broadcasting Ministry, 689 in Defence, 571 related to employees of Health and Family Welfare department and 479 against officials of Shipping Ministry.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक खुला पत्र – आशाएं बहुत है आपसे, निराशा में मत बदलियेगा

नमस्कार सर,

मुख्यमंत्री बनाए जाने के लिए शुभकामनायें ! कैसे है ? आपका कार्यकाल कैसा चल रहा है ?

मैं अंकुर मिश्रा – उत्तर प्रदेश का एक आम नागरिक!

आशा है आप कुशल होंगे ! वक्त आगे बढ़ रहा है उत्तर प्रदेश में आपको भारी बहुमत मिला है, जितना कभी आपने भी नहीं सोचा होगा ! सभी जानते है और मानते है की योगी जी हिंदुत्व की आधुनिक परिभाषा हैं ! प्रदेश में बढ़ती साम्प्रदायिकता को समाप्त करने लिए भी आपको ये अवसर दिया गया है! ख़ुशी है की आप एक साधारण परिवार से आते है और  पूर्वांचल में बहुत विकास कराया है ! एक उत्तर प्रदेश का नागरिक होने के नाते आपसे कुछ आशाएं है:-

  1. योगी जी प्रदेश में शिक्षा के लिए आप क्या कर रहें है, शिक्षा जिंदगी की सीढ़ी बनाती है ! शिक्षा ही एक नागरिक की जिंदगी निर्धारित करती है! आपसे निवेदन है की उत्तर प्रदेश में शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए ! मुख्यतः प्रदेश के गाँवो की शिक्षा में, जहाँ नाम के लिए अध्यापक और विद्यार्थी तो होते है मगर शिक्षा नहीं होती ! शिक्षा को कूड़ेदान में डालकर आराम फार्मा रहे होते है ! इसलिए आपको ग्रामीण प्राथमिक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की  जरूरत है ! यही से देश का  ७0 % से ज्यादा युवा निकलता है !  साथ ही साथ सभी स्तर की शिक्षा के लिए विशेष और कड़े नियम बनाने की जरूरत है जिससे सही टैलेंट आएगा और पढ़े लिखे बेरोजगारों की फ़ौज तैयार नहीं होगी !
  2. मेरा दूसरा निवेदन है प्रदेश में रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर उपलब्ध कराये जाने चाहिए ताकि प्रदेश में रहने वाले लोगो को बाहर नहीं जाना पड़े! हर तरह का रोजगार प्रदेश के अंदर ही होना चाहिए, कोई ज्यादा पढ़ा लिखा हो या कम पढ़ा लिखा उसे प्रदेश के अंदर ही जॉब उपलब्ध हो सके! प्रदेश में हर तरह की सुविधाएँ है बस उन्हें सही ढंग से लागू करने की जरूरत है, लोग हैं, पैसा है, टैलेंट है फिर भी हम बाहर क्यों जाते है?
  3. आइडियाज  जनता से लेकर, उन्हें समझकर बड़े स्तर पर लागू करने की जरूरत है ! हर व्यक्ति के अंदर समाज की समस्या का समाधान होता है वो भी सरल तरीके में ! इन्ही सब आइडियाज को इम्प्लीमेंट करके, प्रदेश के नवजवान देश के दूसरे हिस्सों में जाके वहाँ का भला कर रहे है तो क्या हम उन्हें प्रदेश के अंदर ही अच्छी सहूलियत नहीं मुहैया करवा सकते हैं? छोटे छोटे स्टार्टअप्स को आगे आकर सरकार का  साथ देने की जरूरत है, जो प्रदेश हित और राष्ट्र हित में है !
  4. आपके लिए भी सबसे बड़ा मुद्दा राममंदिर ही है, वैसे आपको ये भी मानना होगा की प्रदेश के ५०%  से ज्यादा हिन्दू वोट भी आपको राम मंदिर की वजह से ही मिले है! असल मसला यही है – कुछ राम मंदिर चाहते है और कुछ मस्जिद चाहते है ! लेकिन क्या आपको कोई बीच का उपाय नहीं निकालना चाहिए जिससे कोई दंगा फसाद न हो और दोनों ख़ुशी ख़ुशी रहे ! मै यह इसलिए लिख रहा हूँ क्योकि मेरे खुद के पिता जी ने १९९० में लाठियां खायी है, राम मंदिर के लिए ! क्या यही एक उपाय है, क्या यही राम या अल्लाह ने हमें सिखाया है? मारो और मरो?
  5. अगली सबसे बड़ी समस्या है स्वच्छता ! आप तो जानते है स्वच्छता में हमारी और हमारे प्रदेश की क्या दशा है, वैसे इसमे सबसे पहला कदम जनता का ही होता है! और उसे सफाई अपने घर से शुरू करनी चाहिए, मगर जनता सोई पड़ी है! उसे जगरूप करने की जरूरत है, कड़े कानून बनाने की जरूरत है जिससे जनता गन्दगी करने की जुर्रत न कर पाए !
  6. सुरक्षा – प्रदेश की पुलिस सबसे ज्यादा बदनाम है! जिसने हमेश गुंडों का साथ दिया है, उनका नजरिया बदलने की जरूरत है! उनको सही और गलत में फर्क करना सिखाना जरूरी है ! प्रदेश की जनता उनके बल पर चलती है मगर चंद लोगो ने पूरे सिस्टम को बदनाम करके रख दिया है ऐसे चंद लोगो को सिस्टम से बाहर करने की जरूरत है!
  7. प्रदेश का हर नुक्कड़ पर बने ऑफिस में चल रहे घूष खोरी के धंधे को बंद करने की जरूरत है! कोई पेंसन के लिए पैसे दे रहा है तो कोई ड्राइवर लाइसेंस के लिए ! कोई आपको आपके अधिकारी से मिलवाने के लिए पैसे ले रहा है तो कोई नौकरी पाने के लिए ! यह प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या है, इसी के जरिये लाखो छात्र बिना परीक्षा दिये, डिग्री ले आते है ! भ्रष्टाचार के जरिये हर सिस्टम को बाजार बना दिया है जहां सब कुछ बिकता है !
  8. उन गुंडों को सुधारने की जरूरत है जो अपनी पार्टी की सरकार बनने का इंतजार करते है और उसके आने पर गुंडागर्दी शुरू कर देते है ! गाड़ी में आगे सप्ताधारी पार्टी का झंडा लगाकर अपनी मनमानी करते है ! ऐसे लोगो को मैंने आपकी इसी सरकार के बनने के बाद देखा है! ऐसे लोग पार्टी और नेता दोनों का नाम बदनाम करते है और आम जनता को परेशान करते है हजारो तरीके के नाजायज टैक्स वसूलते है ! इस समस्या का समाधान आपको तुरंत निकलना चाहिए !

— और भी बहुत सारे सुझाव प्रदेश का हर आम नागरिक दे सकता है ! बस इनको अमल में लाना होगा !!

प्रदेश की जनता ने एक नयी सुबह का सपना देखा है और दिखाया है आपके चुनाव से पहले के भाषणों ने और आप जैसे मुख्यमंत्री ने! जो सप्ता का  लालची नहीं लगता, जिसे विकास करना है प्रदेश के खोखलेपन को ख़त्म करना है, प्रदेश को सुरक्षित करना है!
बलात्कार, भ्रष्टाचार, महंगाई, टूटी सड़के, आत्महत्या करते किसान, भूख से मरता गरीब और पांच साल तक फिर से रोती जनता ! अब नहीं चाहिए !
सर प्रदेश में नयी आशा आयी है, निराशा दूर भागी है!
सर मुझे आपमें एक भविष्य दिखता है, युवा भविष्य जो प्रदेश की बूढ़ी राजनीती से परे है, ऐसा भविष्य जो अगर पापी राजनीती में न पड़े तो प्रदेश का नक्शा बदल सकता है! मेरे जैसे कई और लोग भी होंगे जिन्हें आपसे कुछ आशा होगी ! उनकी आशा को निराशा में मत बदलने दीजिये !
देश को सबसे अच्छे नागरिक दिए है इस प्रदेश ने फिर भी उसकी यह दशा है क्यों?
उसे बदलने का एक सही प्रयास तो करिये !!

उत्तर प्रदेश का एक आम नागरिक

 

(Image Credits: Manoj Sinha and Ramesh G)

Yogi, Modi and Rogi | Uttar Pradesh

One week ago I was in my home village, we were discussing that the Yogi will never be BJP’s CM candidate. We never expected this choice. Now this topic is very hot for few socialists and very cold for few seculars. Yes Yogi Aditya Nath is now UP CM. I think he is the only guy with such staunch stand about Hindutva and Muslims. But on serious note I am very scared about UP and the fate of Muslim people in the state. As we’re listening Muslims especially women voted for BJP in the hope of a leader who is democratic and talks about development for all. But what they got is an individual who is not liberal, thinks about other communities and doesn’t really care about progress.
Bhakts should Scan his all speeches then they will see a guy who is similar to Owaisi standing on the other side of the pole.

Collected some statements given by Yogi Adityanath Sir:

  1. On Hindu rashtra: I will not stop till I turn UP and India into a Hindu rashtra. (At Etah UP in 2005)
  2. On (Hindus) ‘exodus’: When I look at western UP, I have regrets…On January 19 1990, Hindus had to migrate collectively from Kashmir. A massacre took place. If we have seen a sight similar to this anywhere, it was either in Bengal or western UP. Kairana and Kandhla are examples. (At Sahibabad on January 30, 2017)
  3. On minorities: We want you (minorities) not to kill anybody and live peacefully and concentrate on progress…If the other side does not stay in peace, we will teach them how to stay in peace…in the language that they understand. (During a TV programme on August 31, 2014)
  4. On Shah Rukh Khan: Shah Rukh Khan should remember that if a huge mass in (the) society boycotts his films, he will also have to wander on streets like a normal Muslim…I think there is no difference between the language of Shah Rukh Khan and (Pakistan terror mastermind) Hafiz Saeed. (On November 4, 2015)
  5. On conversions: If one Hindu girl is converted, we will convert 100 Muslims girls…The way Hindu girls are insulted, I don’t think a civilised society would accept it…If the government is not doing anything, then the Hindus will have to take matters into their own hands. (In an undated video, reportedly from a speech in Azamgarh)
  6. On love jihad: We will not tolerate harassment of Hindus in the state at any cost…If anybody tries to touch Hindus in eastern UP, he will have to face the consequences. (Undated)
  7. On secularism: You (non-BJP parties) claim you are secular but the agenda you implement is communal…there are 12 lakh Hindu saints in the country but you talk about giving salaries to imams. Is this secularism? (In parliament on August 13, 2014).
  8. On riots : There have been 450 riots in west UP in two-and-a-half years of Samajwadi Party because the population of a particular community is rising manifold. In places where there are 10-20% minority population, stray communal incidents take place. Where there are 20-35% of them, serious communal riots take place and where they are more than 35%, there is no place for non-Muslims. (at a rally in Noida on September 7, 2014)
  9. On Mother Teresa: Mother Teresa was part of a conspiracy to evangelise India. Hindus were converted in the name of doing service (at Basti, UP in July, 2016)
  10. On Yoga: Lord Shankar was the biggest yogi who started yoga. Mahadev lives in every particle of this country. So those who want to avoid yoga and Lord Shankar can leave Hindustan (at Varanasi, June 9, 2015)

UP will definitely change but I am not sure if it will be for bad or good.

I also think, Aditya’s selection is just Modi’s gear for LokSabha, 2019. Many friend of mine have told me that even Modi was a Hindu leader but he proved to be a statesman after getting the responsibility of being the CM of the state and PM of India. So even Mr. Yogi can do that. In my opinion, this comparison is just not right. We need to go back in time and recall the image, Mr. Modi carried. His statements were never against Muslims or Christians in particular. One or two statements, that too, moderate ones, in the beginning of his political career just can’t be considered equivalent to the type of polarising and divisive statements that Mr. Yogi usually gives(I have already mentioned his statements in the beginning of the article)

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Jindagi Barbaad Ho Giya Uttar Pradesh Ka. Yogi Aditya Nath is to Muslim as Owaisi is to Hindus. Bad days have started hope it not to be worse. ‘Yogi, Modi and Rogi Uttar Pradesh’ this title is suggested by one of my college friend (Ankit Chauhan). Interesting. 

Let’s hope and pray for something Good !!

 

Indian Public is Just like Puppet For These F**king Politicians

Dear Politicians,

Really Dude! Do you have any respect for God, Ram, Allah or any religion? In every election, you sing the same song. Ram Mandir Wahi Banga and bla bla bla.

What do you think? Public is just puppet OR you are just shameless.

And as per our Constitution, no government is allowed to build any place of worship in India. The ruling govt may permit organisations like VHP, Bajrang Dal, or such to build it by providing land for it (like the previous BJP govt did for the Akshardham Temple in Delhi, an earlier Congress govt did for the Baha’i Temple, the Vivekananda Rock, and so on).

And who the hell you, who is telling us our responsibilities, first you should try to full fill your long list of promises which you did before LS election. You are not more than the higher courts, so don’t tell us your shitty decisions “BJP जीती तो राममंदिर बनेगा”.

This issue is in court, at least wait for the final court judgments, after all the appeals have been gone through and let the court decide what should be there:
“If the verdict is in favour of Muslims, Hindus should accept it
If the verdict is in favour of Hindus, Muslims should accept it”.

Boss, I believe now people are smart enough to know this is not for the love of Lord Rama OR Allah, this is for the love of power the Raaj, there is no disagreement there.

And why you never talk about something else, You are the politicians who are responsible for every development in India and in its states. Let’s think of something else than Mandir OR Masjid. Let’s

Let’s announce something else, like- If we create the government, we’ll make a world class school/ hospital here. By which people can get the education and can get lives. And implement this.

Oooops, What the problem will be solved with this, and you never want this, because you have many next elections and what will be the issue for you in those upcoming elections.

WTF! After 6 December ‘1992: 

6- Legislative Assembly terms 

3- Times BJP Gov in UP

3- Times BJP Gov in Central 

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And In every election, these f**king politicians sing the same song.

So just keep playing with your puppets , Vote bank.

Oooops!! BJP will not win more than 60-70 seats in UP election

Like Always, UP Elections always have been the most dramatic in Indian Democracy System. So nothing can be said unless the elections are over. But after three-phase of voting and discussing with many friends from UP, I can see the trend, which says BJP will never win UP – 2017 election. People are still affected with the Modi effects.

Thanks !! BJP has already given us many reasons to not to vote for them:

  • Demonetization : BJP implemented this with out proper planning and thus the country has seen the worst execution of demonetization by them. The mere goals of the whole process have been compromised, letting the common public suffer only.
  • Surgical Strike : BJP tried to pull vote bank by politicizing the whole military operation and thus the sentiments are mixed on this but majority stood against it as none of the actions have been taken on the Pathankot attack.
  • Communal-ism : BJP always has found supporting Hindus over others and thus the other sectors find it hard to have their faiths on BJP.
  • Jaat Agitation : Jaat agitation in Haryana has revealed that BJP government is as ineffective as congress in handling such tensed matters. Also BJP denied rapes occurring during the protest which was later confirmed by the SC. People share aggression for this.
  • Jumla : BJP is now being considered as the Bhartiya Jumla Party for not delivering their promises, which is definitely going to cost BJP in UP elections.
  • Casteism politics: Yadav’s vote for SP. Dalits vote for BSP. Muslim votes get divided between SP and Congress.  And the latest slur against Mayawati has obviously cost the BJP its winning chances.
  • CM Face: BJP has always focused their strategy on a CM face rather than the party organisation. As of now there are no stalwart leaders who can lead. Many faces are racing for the CM post like Varun Gandhi, Smriti Irani, Yogi, etc.

Apart from these there have been various other incidents which has questioned BJP -NDA Government.

So I don’t think BJP will not get more than 60-70 seats in this election.

Pradhan Sewak Ji – This is not a Bold Decision, this is the worst Decision

Dear Pradhan Sewak Ji, Our media, our politicians are centralized towards Delhi. They are just focused here. Whole India is not Delhi NCR. If we are surviving here, it doesn’t mean, whole India is surviving.  
Here my main concern is, why our Media’s main focus is Delhi – NCR, Every news is focused and centralized towards Delhi. They go and cover Bank and ATMs of Delhi NCR and create a hypothesis. Boss if you want to see the real condition and struggle please go, watch and cover any village of UP. Today they don’t have a single penny. There is single bank for thousand of villages, there is no ATM.
Is this your incredible OR digital India?
No.
Sorry.  This is not.
You made this place like hell.
Pradhanmantri Ji, Public know everything, You are following wrong assumptions, no one is supporting you. The public is just silent because they don’t have any other choice. Call elections tomorrow, they will tell you what exactly you did wrong with them. If you have guts please try this, OR you will see in next state elections. 
Chaiwala can’t take payment online, Small Sabjiwala can’t take payment online, Small rikshaw wala can’t take payment online, Small fruits wala can’t take payment online, a labour man can’t take payment online …. etc. (This list is very long). This is the 80% public of India.  If you are dreaming for 20% or 1% (the list is given below) then you are worst prime minister of India.

Dear Pradhan Sewak Ji, As per your Feku things you just carried out a surgical strike on black money. I want to discuss something with you, but first, I am sharing some stats-

  1. Bad Loans of Indian Banks right now is close to Rs. 6,00,000 crore.
  2. PSU Banks are in a miserable condition right now, and need an immediate infusion of money to shore up their lending capacities.
  3. A few weeks back credit rating agency Moody’s had stated that Indian Banks require Rs. 1.25 lakh crore capital infusion.
  4. In July 2016 the Centre injected 23,000 crores into 13 Public Sector Banks.
  5. Jaitley said it in 2015 that the Centre would pump in more than 70,000 crores in PSU banks in coming 4 years.
  6. This demonetization is nothing but a measure to infuse money in those ailing Banks so as to shore up their lending capacities.
We are just watching the people queuing up banks to deposit their hard earned money, waiting hours for their turn? This is what we got by this surgical strike. To curb the menace of black money? By bringing in new Rs. 2000 note? LOL
You are just simplifying hoarding of black money by bringing in new notes of higher denomination.
We are just a deposit queue. 
Withdrawal queue for big amounts is full with big names, these are some of best friends of our Pradhan Sewak Sahab:-
 

GVK Reddy (GVK Group) (33933 Crores)

Venugopal Dhoot (Videocon Group) (45405 Crores)

Madhusoodan Rao (Lanco Group) (47102 Crores)

G M Rao (GMR Group) (47976 Crores)

Sajjan Jindal (JSW Group) (58171 Crores)

Manoj Gour (Jaypee Group) (75163 Crores)

Goutam Adani (Adani Group) (96031 Crores)

Shashi Ruia & Ravi Ruia (Essar Group) (101000 Crores)

Anil Aggarwal (The Vedanta Group) (103000 Crores)

Anil Ambani (Reliance Group)(125000 Crores)

We are just government’s work, crony capitalism, which just carried out a surgical strike in your pockets, and now you are running like chickens.
The rich don’t keep cash nowadays it’s all in the real estate and Gold.

1. Stock Market would crash – People without having a clear idea about the situation would try to save their fortunes and would start pulling out their money from the stocks that are going to be hit by this storm.

2. People with huge piles of paper currency are going to lose their calm – The day will start with Trade unions and other such unions coming together to protest and do marches.

3. Money’ll be sucked out of the market. – In coming weeks or months, there would be so much decline in trade and commerce.

4. Decline in the GDP – the GDP of India will decline heavily as confusion and tax obstacles in trade will hamper growth.

5. Inconvenience to people:– People will have to become slaves of banks and government officials. Long queues will be a common sight from nowadays.See the long queues ? All middle class and poor people can be seen in queues.

6. Loss to common People :- Many people have fake currency that it unintentional or earned by hard work and they are using it without knowing. Now banks will refuse to take fake money it direct loss for innocent people.

7. Rise in corruption:- imagine this, you have pass Rs. 1 lacs you go to exchange, cashier said “sab nakli hai be! line se hat baki bhi khade hai”,then you are screwed, whther it is fake or not.While local politicians and powerfull people will exchange their notes easily by paying bribes and CAs will facilitate them by finding all loopholes. CAs will be biggest beneficiaries as people have to employ their expensive services.

It will trigger more corruption, which is one of the most effective sources of black money. Those who give cash to the banks, will be asked for explanations, which will increase corruption. It seems it is election funding program for the rulers.

8. Loss of Tax Payers Money :- Rs 500 prnting costs Rs 2.5 and Rs.1000 costs Rs 3 , (approx ).Multiply it by number of notes present in India ;now government has to pay this money from taxpayers.

9. Inflation:- Due to above price rise will occur. All basic goods will cost more.

10. Now understand that since most of the black money is stored in Rs. 500 and Rs. 1000 currency notes. Since these notes cannot be tendered anymore, the consumption demand will go down drastically (how will people buy jewellery, property and other high value items without black money?). As consumption demand will hit a new low, the economy will essentially find itself in a recession. By this time, government will also start another round of voluntary disclosure scheme and fill its coffers with unprecedented disclosure taxes and fines.

A good way to loot people like the British regime which introduced taxation.

People in remote areas, labor in unorganized sectors are being paid in case. Most payment so made in these denomination notes. India being cash economy may collapse, or at least halt its rural economy by this move.

It is an Indian thing in villages and small towns for housewives to keep their saved cash hidden away from their husbands and other family members. Invalidation of Rs 500 and 100o notes will jeopardize this scheme. Households with liquor problems will provide the husbands to seize control of the hidden cash. Also, general day to day purchase may be impacted due to lack of cash in hand.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र – साहब कैमरा और भाषणों से बाहर वास्तविकता की जमीन पर आओ

प्रधानमंत्री जी – भारत माता की जय !!

आशा है कुशल मंगल होंगे, अच्छा लगता है जब आप अपने भाषण भारत माता की जय के उदघोष के साथ शुरू करते है ! अच्छा लगता है जब आप राष्ट्रभाषा में अपने भाषणों को बोलते है ! अच्छा लगता है जब आप विदेशो में जाकर हमारे भारत का व्याख्यान करते है ! अच्छा लगता है जब मैं आपके चुनाव के पहले वालो भाषणों को सुनता हूँ, अच्छा लगता है एक चाय वाला आम आदमी देश का प्रधानमंत्री है !
मगर कभी लगता है आप गुजरात मुख्यमंत्री तक ही अच्छे थे, आपके गुजरात के विकास को देखकर दूसरे प्रदेश भी अपने विकास में लग जाते थे दूसरे राज्यो के लिए आदर्श थे आप ! आज आप प्रधनमंत्री हो, देश छोडो प्रदेशों का विकास रोकने में लग गए हो आप ! चुनाव में जनता को पंद्रह  लाख के सपने दिखाए थे न आपने ? 250000000 से ज्यादा लोगो को दो वक्त की रोटी नहीं मिलती यहाँ ! आपने देश के बाहर तो खूब  भ्रमण किया मगर क्या कभी घर में- किसको खाना मिला किसको नहीं मिला, यह जानने की कोशिश की? साहब प्रधान सेवक बुलवाते हैं न अपने आप को आप, मालिक के मालिक बनकर रहते हो आप और आपके अमित साह जी ! सर एक बात पूंछनी थी, जब आम आदमी पार्टी के विधायको का कोई छोटा सा केस भी सामने आया आपने पूरी पुलिस और मीडिया उनके पीछे लगा दी, मगर जब अमित साह के नाम का एक आत्महत्या का पत्र मिला तब आपने सब कुछ दबा दिया न कोई मीडिया न कोई पुलिस, ऐसा करने के पीछे कोई मिसन ?
आप पाकिस्तान जायेगे शादी अटेंड करने, आपके देश के लोग जायेगे दूसरे देशो  में पढ़ने और नौकरी करने मगर पाकिस्तान के एक्टर भारत में काम नहीं कर सकते, ऐसा क्यों ?
हमें एक काम करना चाहिए, बटवारे के वक्त जितने लोग पाकिस्तान की जमीन से भारत आये थे उन्हें या उनके परिवार को पाकिस्तान भेज देना चाहिए, ऐसे समाधान निकलोगे आप आतंकवाद से लड़ने का?
साहब आपको सप्ता जनता ने दी है, वो भी उस बुनियाद पे जो आपने चुनावी रैलियों में वादे किये थे ! उनमे से आपने कुछ किया? विदेश यात्रा और विदेश नीति अच्छी होनी चाहिए मगर उसके पहले देश का विकास होना चाहिए ! देश में रोजाना 21000 से ज्यादा लोग लोग मरते है , भूख के कारण, मोदी जी प्रधान सेवक होने के नाते क्या आपको यह बात पता है ?
रोजाना औसतन 100 महिलाओ के साथ दरिंदगी , बलात्कार होते है , क्या प्रधान सेवक होने के नाते आपको यह बात पता है ? करोङो रुपये अभी भी रिश्वत के नाम पर ऊपर नीचे होते है,  क्या आपको पता है ?
भारत की किसी भी  जमीनी  समस्या के बारे में आपको पता है मोदी जी ? नहीं आपको नहीं पता है !
आप प्रधानसेवक नहीं तानाशाह बनने जा रहे हो साहब, सूट बूट पहनकर, रोज हेडलाइन बनकर , कैमरे के सामने आकर देश नहीं चलता !
पाकिस्तान – भारत की आज की परिस्थिति में भी कुछ कहना है, आपने देश के लिए कुछ नहीं किया, उरी पे आपने जान नहीं दी थी, बराहमुला में आप मारने नहीं गए गए, न ही आपके भाजपा मंत्री मरने गए थे !
शहीद जवान हुए है, आपकी सरकार में भी वही जवान है, मनमोहन सरकार में भी वही जवान थे !
एक बात मुझे अब तक समझ नही आयी, पंजाब और गोवा में इन हमलो को लेकर और सर्जिकल स्ट्राइक को आपने और आपकी पार्टी ने चुनावी मुद्दा क्यों बना लिया है ? इतने बड़े बड़े पोस्टर क्यों ?
कितना उल्लू बनाओगे जनता को और हमको साहब ?
साहब आशा है आप जबाब जरूर लिखेगे !!
– पन्द्रह लाख के इंतजार में एक आम आदमी !!