Aug 12, 2017 - Ankur Mishra, INDIA    No Comments

… क्या आपको सच में लगता है, हमारा देश आजाद है?

मेरा देश कहाँ जा रहा है, मेरा प्रदेश कहाँ जा रहा है, क्या हो रहा है यहाँ, और क्यों हो रहा है!

आखिर जिम्मेदार कौन है – मै, मेरे माता-पिता जिन्होंने मुझे जन्म दिया या फिर कोई और (सरकार या प्रशासन)!

“पहले बाबा से कहानियाँ सुनता था – की आजादी के पहले हमें ये परेशानी होती थी हमें वो परेशानी होती थी, अंग्रेज सरकार और प्रशासन हम पर बहुत बुरे जुल्म करता था, खाना, रहना और घूमना सब कुछ दुर्लभ था और साथ में वो ये भी कहते थे अब हम आजाद हो गए है जो हम लोगो ने सहन किया वो तुम्हे नहीं करना पडेग़ा, तुम बड़े होकर सब खुलकर कर सकते हो- देश आजाद है…”
यह सब वाक्या करीब 15 साल पहले का है जब मै 10 साल का था, उस समय छोटा था तो पता नहीं चला की आखिर देश में क्या चल रहा है, हम खुद को चला रहे है या सरकार हमे चलाती है, हमारे लिए कानून बनाती है बिना हमसे पूँछे, जितना चाहे जिस तरीके से चाहे पैसा वसूल करती है ! जब चाहे जिस तरीके से चाहे नया कानून लगा देती है, रोजाना आंतरिक दंगे हो रहे है, मंदिर मस्जिद की लड़ाई हो रही है, गरीब भूखा मर रहा है मगर हर छोटी से छोटी चीज में अट्ठारह पर्सेंट टैक्स दे रहा है, सरहद पर रोजाना जवान मर रहे है मगर नेता जी की कड़ी निंदा नहीं ख़त्म हो रही और जाने क्या क्या हो रहा है मेरे देश में जिसका बयान भी नहीं कर सकते !
बच्चियों, लड़कियों और औरतो के साथ बलात्कार हो रहे है और नेता जी शांत है उस पर कोई कड़ा कानून नहीं बनायेगे क्योंकि जानते है हो सकता है कल कहीं मै और मेरा बेटा ही न फस जायें! आखिर क्या हो रहा है यहाँ और कब तक होगा?
क्या एक और स्वतंत्रता चाहिये होगी हमें अपनों से ही और क्या पता उसके बाद भी सब कुछ सही हो जाये?
आज तो हद हो गयी अभी तक इस प्रशासन और सरकार का शिकार बड़े उम्र के लोग होते थे, मगर गोरखपुर की त्रासदी ने बच्चो को लील लिए !
ऐसे बच्चे जिन्हे ये भी नहीं पता की वो मरे क्यों है, उसके पीछे कारण क्या है उन्हें तो ऑक्सीजन का मतलब भी नहीं पता, इन सब मासूमो की मौत का जिम्मेदार कौन होगा ?
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या फिर से इसे एक और हादसा कहकर सरकार आगे बढ़ जाएगी ?
मै कभी कभी सोचता की सरकार आखिर है ही क्यों?
बस इसलिए क्योकि लोकतंत्र में लिखा हुआ है, की देश में एक सरकार होनी चाहिए जो देश को संचालन कर सके?
या फिर सरकार इसलिए होती है की देश की जनता के लिए क्या सही है क्या गलत है यह सोच सके?
देश में गरीब भी है उनका भी ख्याल रखना है यह सोच सके?
देश की सुरक्षा के बारे में सोच सके?
मगर आज तो ऐसा कुछ भी नहीं है! तीन दिनों बाद हम देश का ७१वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे है,
अपने दिल से एक बार पूंछना क्या इन बच्चो की मौत के बाद, रोजाना होते बलात्कारों के बाद, सरहद पर मर रहे शहीदों के बाद, बढ़ती महंगाई के बाद ……
क्या आपको सच में लगता है मेरा देश आजाद है!
अगर आप इस आजादी से खुश हो तो इस देश का भविष्य बहुत अंधकार में है!

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