Dec 2, 2017 - Ankur Mishra, Journalism    No Comments

Team Gaonconnection – Happy Birthday ( सफर आसान नहीं है मगर अद्वितीय और सराहनीय है )

गाँव को हमेशा से वो सुविधायें नहीं मिली जो की सरकारो ने वादे किये और चुनाव के बाद भूल गए ! उनकी समस्याये कभी भी देश के ऊपरी हिस्सों को दिखाई नहीं दी या सुनाई नहीं दी! भारत की अधिकतर आबादी देश के गाँव में ही रहती है, उसी बाहुल्य का यह हाल है! यह आबादी कभी कभी अखबारों में आ जाती है, कभी कभी टी.वी. में आ जाती है परन्तु अधिकतर सबसे इन सबसे दूर होती है !
क्यों?
1990 में मेरा जन्म हमीरपुर जिले के एक ऐसे गाँव में हुआ जहाँ पर अभी भी इलेक्ट्रिसिटी नहीं है, जहाँ पर स्कूल या अस्पताल नहीं है ( जिटकारी, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश )! मगर किसी को नहीं पता, ऐसे हजारो गाँव होंगे जहाँ पर बहुत समस्याएं है मगर उनकी खबर विकसित लोगो तक कैसे पहुंचे? यह हमेशा से बड़ी समस्या है !
मैंने अपनी पढ़ाई सुमेरपुर (हमीरपुर, उत्तर प्रदेश) के स्कूल में की जहाँ छटवीं कक्षा में पहली बार अंग्रेजी पड़ी! क्या यह शिक्षा में दोलुभापन नहीं है, मगर इसका निराकरण कैसे निकले?
गांव के किसान की कहानी से लेकर, कुम्हार के घड़े तक की कहानी लोगो तक पहुचनी चाहिए!
हम किसी किसी किसान को तभी क्यों जानते है जब उसका लड़का या लड़की गांव से निकलकर आसमान में उड़ते है !
देश को सबसे जरूरी चीज, अन्न देने वाले किसानो को कभी कोइ एवार्ड क्यों नहीं मिलता?
… लिस्ट लम्बी लिस्ट है जो गांव से बहार निकलकर लोगो तक पहुचनी चाहिए !
मिडिया इतनी ज्यादा केंद्र सेंट्रिक हो चुकी है की गांव या कस्बो की खबरे ऊँचे तबके के लोगो तक पहुंच नहीं पाती !
ऐसे में जो काम नीलेश मिसरा द्वारा शुरू किये गए गांव कनेक्शन ने किया है वो काम वास्तव में सराहनीय है, खबर चाहे गोरखपुर में जान गवां चुके बच्चो की हो या फिर, किसानो की जान की कहानी! सबसे अच्छा काम जो गांव कनेक्शन कर रहा है वो है उन खबरों को बाहर लाना जो बड़ी खबरों के नीचे दब सी गयी थी !
खेत में काम कर रहे किसान की कहानी नेताओ तक कैसे पहुचानी है या फिर गांव में प्रताड़ित महिला की खबर समाज के सामने कैसे लेकर आनी है !
हजारो लोग जो गाँव में रोजाना भूखे सोते है, हजारो लड़कियाँ जो गर्भ में ही मार दी जाती है, हजारो किसान जो कर्ज में डूबे हुए है, गांव में शिक्षा की क्या हालत है, गांव में अस्पताल की क्या हालत है, पानी की क्या समस्या है, इलेक्ट्रिसिटी की क्या समस्या है …. ऐसे हजारो महत्वपूर्ण बिंदुओं में बात करके गाँव कनेक्शन ने ईमानदार पत्रिकारिता की मिशाल कायम की है !
सफर आसान नहीं है मगर अद्वितीय और सराहनीय है !
पांच साल के इस सफर के लिए गाँव  कनेक्शन की पूरी टीम को शुभकामनाये!
ईमानदार पत्रकारिता की इस ईमारत में मंजिले जोड़ते रहिये !

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